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महिला संवाद में सशक्तिकरण की गूंज, महिलाओं ने स्वत: गाए स्फूर्त गीत।
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महिलाएं सकारात्मक होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, सरकार देगी पूरा साथ, मुख्यमंत्री धामी।
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श्री गुरु राम राय जी महाराज का महानिर्वाण पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
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अंकिता न्याय यात्रा की महापंचायत में, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग।

अंकिता न्याय यात्रा की महापंचायत में, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग।

अंकिता न्याय यात्रा की महापंचायत में गूंजा वीआईपी नाम उजागर करने का मुद्दा।

न्याय की लड़ाई में एकजुट हुए राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और जन आंदोलन।

देहरादून :- अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर करने तथा मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराए जाने की मांग को लेकर रविवार को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर परेड ग्राउंड में भव्य महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्यों के साथ विभिन्न संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, जन आंदोलनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र जनआंदोलन के स्वर से गूंज उठा।

इस महापंचायत में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के घटक दलों, राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक और जन संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में अंकिता के माता-पिता की मौजूदगी ने पूरे माहौल को भावनात्मक बना दिया। इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति ने आंदोलन को राजनीतिक और नैतिक समर्थन प्रदान किया।

महापंचायत में शामिल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्यनारायण सचान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कराई जा रही सीबीआई जांच एक पर्यावरणविद की तहरीर के आधार पर हो रही है, जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच अंकिता के माता-पिता की तहरीर पर और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, उन्हें भी सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाए। डॉ. सचान ने कहा कि जिन लोगों के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई गई, उनका अंकिता के परिवार से कोई संबंध नहीं है और न ही वे कभी किसी आंदोलन में दिखाई दिए हैं, इसलिए उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।माकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि सरकार ने तीन साल बाद सड़कों पर हुए आंदोलनों के दबाव में आकर सीबीआई जांच की घोषणा की है, जो स्वयं में सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महापंचायत में सभी संगठनों और दलों ने एक स्वर में मांग की है कि अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि धामी सरकार इस पूरे मामले में वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणविद की शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कराना एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे असली दोषियों तक जांच न पहुंचे। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक हत्याकांड में शामिल वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

महापंचायत में पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव किए गएपारित

* वीआईपी नाम का सार्वजनिक खुलासा

* सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच

* साक्ष्य मिटाने वालों पर कार्रवाई

* पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय

* दोषियों को कठोरतम सजा की मांग शामिल रही।

इसके साथ ही महापंचायत की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच को लेकर पत्र प्रेषित किया गया।

पूरे आयोजन में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग केंद्र में रही। परेड ग्राउंड के पास आयोजित इस महापंचायत ने साफ संदेश दे दिया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनआंदोलन बन चुकी है, और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सजा नहीं मिलती।

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