देहरादून :- उत्तराखंड सत्य साई संगठन के तत्वावधान में ‘विद्या ज्योति’ सेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन डीएल रोड, देहरादून में किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में संगठन की सक्रिय भूमिका को सुदृढ़ करने और राज्य में ‘विद्या ज्योति’ परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे विधिवत दीप प्रज्ज्वलन, तीन ओंकार उच्चारण एवं गणपति वंदना के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण में प्रारंभ हुए इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संगठन पदाधिकारी, शिक्षाविद्, बालविकास गुरू एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं सेंट्रल जोन प्रेसिडेंट श्री भरत झावर ने अपने संबोधन में कहा कि ‘विद्या ज्योति’ केवल एक शैक्षणिक परियोजना नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और समर्पण पर आधारित एक व्यापक आंदोलन है। उन्होंने उत्तराखंड में ‘विद्या ज्योति’ के अंतर्गत अधिकाधिक विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें इस सेवा परियोजना से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। श्री झावर ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि संगठित प्रयासों के साथ कार्य किया जाए तो उत्तराखंड शीघ्र ही ‘विद्या ज्योति’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है। उन्होंने राज्य में संगठन के कार्यों की सराहना करते हुए स्टेट प्रेसिडेंट कर्नल योगेंद्र सिंह एवं कैप्टन अजय स्वरूप नौटियाल (SVP) का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है।
कार्यक्रम में डॉ. अपर्णा तिवारी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर ‘विद्या ज्योति’ के शैक्षिक एवं मानवीय पक्षों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह जीवन मूल्यों से जुड़ी हो और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए।
अंजली वर्मा ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा अंत में आभार ज्ञापन भी किया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में आर्किटेक्ट श्रीलता रामकुमार द्वारा ‘विद्या ज्योति’ सेवा प्रोजेक्ट पर विस्तृत पावर पॉइंट प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में SSSBV-जेनेसिस ट्रेनिंग कैंप की संरचना, विभिन्न माइलस्टोन ग्रुप (1/2/3-डिप्लोमा), ग्रुप-4 (रेस/स्कूल/रूरल/SSS विद्याज्योति), पुट्टपर्थी एवं नेशनल टीम द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण बिंदुओं, FAQ-SSS बालविकास, स्वामी का गुरुओं के लिए संदेश तथा आगामी बालविकास कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने परियोजना के क्रियान्वयन की चरणबद्ध प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली एवं रिपोर्टिंग ढांचे को भी स्पष्ट किया, जिससे उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की स्पष्ट दिशा मिली।
द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं एवं भक्तों ने अपने अनुभव साझा किए और परियोजना के प्रभावी संचालन से जुड़े प्रश्न प्रस्तुत किए। ‘आगे का रास्ता’ विषय पर डॉ. राकेश वर्मा ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि शिक्षा सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समन्वित योजना, सतत प्रशिक्षण एवं नियमित समीक्षा आवश्यक है।
स्टेट प्रेसिडेंट कर्नल योगेंद्र सिंह ने संगठन की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में राज्य के अधिक से अधिक विद्यालयों को ‘विद्या ज्योति’ से जोड़ा जाएगा तथा बालविकास कार्यक्रमों को सशक्त बनाया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में कैप्टन अजय स्वरूप ,नौटियाल (SVP) ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का समापन मंगल आरती के साथ आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
