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संवैधानिक संस्थाओं पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों पर बात करे कांग्रेस, मुख्यमंत्री धामी।
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डॉ. धन सिंह रावत पहुंचे आपदा प्रभावितों के बीच, 23 प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, नुकसान का लिया जायजा।
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बुद्धिजीवियों से संवाद में मुख्यमंत्री ने साझा की, उत्तराखण्ड के विकास की प्राथमिकताएं।
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24×7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी, राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्य सचिव।
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प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम, देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित, मुख्यमंत्री धामी।
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त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू।
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुनी पीएम के मन की बात, बोले- सामाजिक कार्य की प्रेरणा देता है प्रत्येक एपिसोड।
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने, देशवासियों को दी विश्व पर्यटन दिवस की शुभकामनाएं।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पीएम मोदी के ‘मन की बात कार्यक्रम के 138वें संस्करण को सुना।
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SGRRU में परिणाम आधारित शिक्षा को लेकर शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित।

SGRRU में परिणाम आधारित शिक्षा को लेकर शिक्षकों के लिए कार्यशाला आयोजित।

नई शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और सामाजिक विकास पर हुआ मंथन।

देहरादून :- श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में शनिवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ‘परिणाम आधारित शिक्षा श्रृंखला-1’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। एसबीएएस सभागार में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल आधारित शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे।

विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, दक्षता, नवाचार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ ही रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी प्रेरित कर सकती है। कुलपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने स्टार्टअप, नवाचार और मेक इन इंडिया जैसे प्रयासों के साथ शिक्षा एवं कौशल के बेहतर समन्वय की आवश्यकता भी बताई।

मुख्य विशेषज्ञ वक्ता डॉ. मीनाक्षी सूद, एसएमआईईईई, आईई एवं एसोसिएट डीन (आउटरीच एवं रिसोर्स जेनरेशन), राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ ने परिणाम आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोर्स आउटकम (सीओ), प्रोग्राम आउटकम (पीओ), शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और मूल्यांकन के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।

डॉ. सूद ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसे ज्ञान, कौशल और दक्षताओं का विकास करना है, जिनका वे वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग कर सकें।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने परिणाम आधारित शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सोनिया गंभीर ने स्वागत संबोधन से की। उन्होंने कहा कि आउटकम बेस्ड एजुकेशन का मूल उद्देश्य शिक्षा को बदलावकारी, मापन योग्य और सार्थक बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी उपनिदेशक प्रो. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज, कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल, रजिस्ट्रार प्रो. सोनिका कंडारी, विशेषज्ञ वक्ता, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. ज्योति कालरा सहित विभिन्न स्कूलों के डीन और शिक्षक मौजूद रहे।

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