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जीजीआईसी कौलागढ़ में, करियर जागरूकता कार्यशाला आयोजित।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, हरिद्वार में ‘संत सम्मेलन’ में किया प्रतिभाग।
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खेल में कैरियर बनाएं पहाड़ के युवा, खेल मंत्री रेखा आर्या।
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उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी, फरवरी से उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बिल का अतिरिक्त बोझ।
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सैन्य धाम के अंतिम चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी।
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विश्व कैंसर दिवस पर, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने, चलाया जनजागरूकता अभियान।
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धामी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में, 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी।
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डीएम सविन बंसल की संवेदनशील पहल, नारी निकेतन की संवासिनियों को मिला आत्मीयता व स्नेह का अनुभव।
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सुप्रीम कोर्ट में सीएए कानून के खिलाफ दायर की गई याचिका, रोक लगाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में सीएए कानून के खिलाफ दायर की गई याचिका, रोक लगाने की मांग

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सीएए कानून के खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह याचिका इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की तरफ से दायर की गई है, जिसमें कानून पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में नागरिकता संशोधन कानून 2019 के प्रावधानों को देश में लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि नागरिकता कानून के तहत कुछ धर्मों के लोगों को ही नागरिकता दी जाएगी और कानून लागू होने से इसके खिलाफ जो याचिकाएं दायर हैं। याचिका में कहा गया है कि अधिनियम और नियमों के परिणामस्वरूप मूल्यवान अधिकार सृजित होंगे और केवल कुछ धर्मों से संबंधित व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान की जाएगी, जो कि संविधान के खिलाफ है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को ही सीएए कानून लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है। गौरतलब है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सीएए को चुनौती देते हुए रिट याचिका भी दायर की थी। आईयूएमएल ने सीएए के खिलाफ दायर अपनी रिट याचिका में अंतरिम आवेदन दिया, जिसमें आईयूएमएल ने तर्क दिया कि किसी कानून की संवैधानिकता तब तक लागू नहीं होगी, जब तक कानून स्पष्ट तौर पर मनमाना हो।

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