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प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में, ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम, रेखा आर्या।
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ग्रामीण विकास मंत्री भरत चौधरी का बड़ा प्रशासनिक फैसला, एबीडीओ को मिला प्रमोशन, विकासखंडों को मिले बीडीओ।      
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श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक, सतपाल महाराज। 
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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एसएमआई आई बैंक में, 41वें नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन।
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हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में, विकसित भारत व उत्तराखण्ड पर हुई चर्चा। 
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नशा मुक्त समाज के लिए विभागीय समन्वय से चलाएं व्यापक जनजागरूकता अभियान, एडीएम। 
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15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान, डीएम डॉ. आशीष चौहान।
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स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर।
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय बायोटेक्नोलॉजी और लाइफ साइंसेज में एआई के अनुप्रयोग पर सेमिनार।
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सोमवार से आरेंज अलर्ट, सतर्क रहने के निर्देश, जल्द से जल्द खोली जाएं ग्रामीण सड़कें, विनोद सुमन।  

सोमवार से आरेंज अलर्ट, सतर्क रहने के निर्देश, जल्द से जल्द खोली जाएं ग्रामीण सड़कें, विनोद सुमन।   

देहरादून :- आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट तथा राज्य में सक्रिय मानसून को देखते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को सभी जनपदों को उच्च सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। एसईओसी में आयोजित बैठक में उन्होंने मानसून के दौरान अब तक विभिन्न जनपदों में हुई क्षति, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए क्षति की रिपोर्ट शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जनपद स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को बंद पड़े सभी मार्गों, विशेष रूप से ग्रामीण मार्गों को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि मार्गों को खोलने में किन-किन स्थानों पर कठिनाइयां आ रही हैं तथा उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से पहुंच सकें।

बैठक में राज्य के प्रमुख डैम एवं बैराजों के जलस्तर की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 27 जुलाई को देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों के लिए, 28 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल एवं देहरादून जनपदों के लिए तथा 29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए सभी जनपदों को पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन वाहन संचालन को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित अथवा प्रतिबंधित किया जाए ताकि भूस्खलन एवं अन्य जोखिमों से जनहानि को रोका जा सके। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान प्रत्येक धाम में रात्रि विश्राम कर रहे यात्रियों की संख्या की जानकारी प्रतिदिन राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र को उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।

बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा की भी समीक्षा की गई। सचिव ने यात्रा दलों की वर्तमान लोकेशन, मार्ग की स्थिति तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उन्होंने संबंधित जनपदों को भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, चिकित्सा सुविधाओं तथा त्वरित संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन/डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर के साथ ही यूएसडीएमए के विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

*आपदा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को किया जाएगा सम्मानित*

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि आपदा के दौरान साहसिक, उत्कृष्ट एवं असाधारण कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आपदा से जुड़े कार्मिकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 26 जनवरी, 15 अगस्त एवं 9 नवम्बर (उत्तराखण्ड स्थापना दिवस) के अवसर पर सम्मानित किया जाए।

*पोर्टल पर उपलब्ध होगी उपकरणों की पूरी जानकारी*

सचिव आपदा प्रबंधन ने निर्देश दिए कि सभी जनपद अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों, मशीनरी एवं प्रशिक्षित मानव संसाधनों का विवरण आईडीआरएन पोर्टल पर अपलोड करें। इससे आपदा के समय यह जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी कि कौन-से उपकरण एवं प्रशिक्षित संसाधन किस जनपद या स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बिना विलंब प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सके।

*तकनीकी रूप से सशक्त होंगी तहसीलें*

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि विश्व बैंक सहायतित यूप्रिपेयर परियोजना के अंतर्गत राज्य की तहसीलों को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। इसके तहत तहसीलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए जाएंगे तथा डिजिटल स्क्रीन, लैपटॉप, कंप्यूटर, उच्च गति इंटरनेट एवं वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे आपदा के दौरान राज्य, जनपद एवं तहसील स्तर के बीच समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। तहसील में इनका उपयोग कंट्रोल रूम के तौर पर भी किया जा सकेगा।

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