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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का किया विधिवत विमोचन।
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हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन से निपटने पर मंथन, देश-विदेश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ देहरादून में जुटे।
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पुलिस मुख्यालय गंभीर मामलों की करे मानीटरिंग, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन।
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जनसेवाओं का संगम, प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में, 05 फरवरी को ग्राम द्वारा में बहुउद्देशीय का आयोजन शिविर।
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सीएम धामी के सख्त निर्देश, कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, पुलिस का वर्क कल्चर सुधरे, आम आदमी को न सताया जाए।
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जिला प्रशासन का एक्शन, रोड़ कटिंग शर्तों का उल्लंघन, यूपीसीएल की अनुमति निरस्त।
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उत्तराखंड को रेल बजट में 4 हजार 769 करोड़ का हुआ आवंटन।
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मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को बताया, विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का रोडमैप।
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हाउस आफ हिमालयाज बिक्री का आंकड़ा, 3.7 करोड़ के पार पहुंचा।
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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने, अधिकारियों को दिए राजस्व वसूली बढाने के निर्देश।

राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा कर कहा समय से तय लक्ष्य पूरा करें।

कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का किया जाय उपयोग।

बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश।

देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हुए तय लक्ष्य समय पर पूरे किये जाएं। संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जिलाधिकारियों द्वारा जनपदों में इसकी नियमित निगरानी की जाए। कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई आधारित तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी कार्यों का डिजिटाइजेशन किया जाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारियों एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। रजिस्ट्री के दौरान संपति का उचित मूल्य दर्ज हो इसकी जाँच के लिए संपतियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा जाए।  

प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए राज्य के हित में वन संपदा का सही उपयोग किया जाए। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन तथा जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व में बढोतरी करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “इस दशक को उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों में उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, खनन सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को ₹200 करोड़ की केंद्रीय प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के सही दिशा में बढ़ने का परिचायक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹24,015 करोड़ का कर राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 62 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आगामी अवधि में लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समन्वित और सक्रिय प्रयास किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता के लिए पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दे रही है। पूंजीगत व्यय में 34 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और उत्तरदायी बनाने के लिए नीति सुधार, नवाचार तथा नई तकनीकों पर निरंतर ध्यान दिया जाना जरूरी है। पारदर्शिता, जवाबदेह और जनहित में ठोस परिणाम देने वाला प्रशासन हमारा उद्देश्य है। जिसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य में जुटे रहना होगा।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. रंजन कुमार मिश्रा अपर सचिव अहमद इकबाल, श्रीमती सोनिका, हिमांशु खुराना, श्रीमती अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मनमोहन मैनाली, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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